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Showing posts from August 27, 2023

Major Dhyan Chand: the hockey wizard

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Major Dhyan Chand: the hockey wizard  Born on August 29, 1905, in Allahabad to Sharadha Singh and Sameshwar Singh - a soldier in the British Indian Army, Dhyan Singh was drawn towards hockey at a very early age. Like his father, he too enrolled himself in the army at the age of 16 and continued to play his favourite sport there. First noticed on the global stage during India’s first international tour in 1926 (to New Zealand), Dhyan Chand made his Olympic debut with the Indian hockey team at Amsterdam in 1928 and scored 14 goals route winning the gold medal. Dhyan Chand would win two more gold medals in consecutive Olympics at Los Angeles 1932 and Berlin 1936, the latter as captain, to complete a hat-trick of Olympic golds and retire with an unbeaten Olympic record to his name. "The Olympic complex now has a magic show too." Headlines (in translation) in a leading Berlin newspaper after Dhyan Chand's 1st appearance in the Berlin Olympics. Major Dhyan Chand, th...

#NationalSportsDay: खेल में भारत लहरा रहा विजय का पताका

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#NationalSportsDay: खेल में भारत लहरा रहा विजय का पताका, सरकार चला रही कई योजनाएं हर साल 29 अगस्त को भारत अपना राष्ट्रीय खेल दिवस मनाता है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद सिंह के सम्मान में मनाया जाता है। यह दिन हर किसी के जीवन में खेल और दैनिक गतिविधियों के महत्व पर जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। विश्व में भारत का नाम रोशन करने वाले सार्वकालिक महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का जन्म 1905 में 29 अगस्त को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था। दूसरे विश्व युद्ध से पहले के वर्षों में हॉकी के खेल पर अपना वर्चस्व कायम करने वाली भारतीय हॉकी टीम के स्टार खिलाड़ी ध्यानचंद एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 1928, 1932 और 1936 में भारत को ओलंपिक खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी थी। ध्यानचंद को इस खेल में महारत हासिल थी। वो गेंद को अपने नियंत्रण में रखने में इतने निपुण थे कि उन्हें 'हॉकी का जादूगर' कहा जाने लगा था। ध्यानचंद ने तत्कालीन ब्रिटिश भारतीय सेना के साथ अपने कार्यकाल के दौरान...

गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा को देशभर से बधाईयां, पीएम मोदी ने बताया उत्कृष्टता का उदाहरण

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गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा को देशभर से बधाईयां, पीएम मोदी ने बताया उत्कृष्टता का उदाहरण विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप बुडापेस्ट 2023 का नौ दिनों के रोमांच के बाद 27 अगस्त को समापन हुआ, इस दौरान जहां दिग्गज एथलीटों ने कई रिकॉर्ड बनाएं, वहीं कई युवा खिलाड़ी वैश्विक चैंपियन के रूप में उभरे। इस बीच एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के ओलंपियन जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया। नीरज चोपड़ा ने सोमवार तड़के इतिहास रचते हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पाकिस्तान के अरशद नदीम को एक मीटर से भी कम अंतर से हरा दिया। पीएम मोदी और भारतीय सेना ने दी बधाई वहीं गोल्डन बॉय को देशभर से बधाई का दौर लगा हुआ है। पीएम मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाशाली नीरज चोपड़ा उत्कृष्टता का उदाहरण हैं। पूरे खेल जगत में अद्वितीय उत्कृष्टता का प्रतीक बनाता है. वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के लिए उन्हें बधाई।' इस बीच भारतीय सेना ने भी नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए लिखा कि नीरज ने हमें फिर गर्व कराया।...